स्तनों का आकार बढाने के 7 तरीके
How to Increase Breast Size Naturally at Home in Hindi Tips :-
लड़कियों में स्तन
का उभार आना
सामान्य तौर पर
10 से 12 वर्ष की
आयु में ही
शुरू हो जाता
है और यह
प्रक्रिया 18 वर्ष की
आयु तक जारी
रहती है। खास तरह के
ऊतकों एवं वसा
(चर्बी) से निर्मित
स्तन का ऊतकीय
विकास १६ - १८ वर्ष कि उम्र तक पूरा
हो जाता है।
कई बार भोजन की अनिमित्ता के कारण अथ्वा आनुवांशिक कारणों से भी स्तनों का पूर्ण नहीँ हो पाता है । नारी स्तनों
को सुडोल बनाने
के लिये स्तनों
की मांसपेशियों को
पुष्ट करना जरूरी
है। आज हम आपको इस वीडियो में प्रभावी घरेलू उपचारों द्वारा हम आपको सुडौल, पुष्ट
और उन्नत स्तन पाने के तरीके बताएँगे।
Tips 1 एस्ट्रोजिन हार्मोन वाले भोजन का प्रयोग :-
स्तनों के अविकसित
रहने का एक मुख्य कारण शरीर में
टेस्टोस्टरोन हार्मोन की मात्रा
बढ जाना है।
टेस्टोस्टरोन पुरुषत्व बढाने वाला
हार्मोन है। यह
हार्मोन स्तन-विकास
में बाधक है।अत:
टेस्टोस्टरोन के प्रभाव
को कम करने
के लिये एस्ट्रोजिन
हार्मोन वाले भोजन पदार्थ
प्रयोग करना चाहिये। सेव, टमाटर, पपीता और
अनार आदि फलों में एस्ट्रोजिन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
सब्जियों में कद्दू, गाजर, आलू, और खीरा
ककडी ,प्याज, चुकंदर, शलजम, पत्तागोभी, फ़ूलगोभी
उत्तम हैं। दूध
और सोयाबीन से
निर्मित पदार्थ भी एस्ट्रोजिन
के अच्छे स्रोत
हैं। जौ, और
भूरे चावल में भी एस्ट्रोजिन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता हैं|
Tips 2 आयुर्वेदिक लेप का प्रयोग :-
एक आयुर्वेदिक लेप के
नियमित उपयोग से स्तन
सुडौल और उत्तेजक
बनाये जा सकते
हैं।
लेप निर्माण
विधि -
माजूफ़ल,शतावर,छोटी
ईलायची , कमलगट्टे की मिंगी
का पावडर,अनार
का पंचांग और
लसोड की पत्तियों
का सत्व । ये
सभी चीजें लेकर पीसकर लेप तैयार कर ले। इस लेप को
स्तनों पर भली
प्रकार लगा लें।
इस लेप से
स्तनों की मांसपेशियों
की ताकत बढती
है ,स्तनों का
आकार बढता है
और सुडौल बनते
हैं। एक दो
माह का उपचार
जरूरी है।
Tips 3 वसायुक्त भोजन का प्रयोग :-
स्तन मुख्यत: चर्बी और
दुग्ध ग्रंथियों के
ऊतकों से निर्मित
होते हैं। बडे
स्तनों में छोटे
स्तनों के मुकाबले
ज्यादा चर्बी होती है।
इसलिये मेरा सुझाव
है कि स्तनों
का आकार बढाने
और आकर्षक बनाने
की ईच्छुक स्त्रियों
को उत्तम क्वालिटी
की वसा में
समृद्ध भोजन की
और ज्यादा ध्यान
देना चाहिये। सूखे
मेवे,बादाम,काजू,अलसी के
बीज ,सोयाबीन के
बीज,जेतुन का
तेल और मछली
में उत्तम क्वालिटी
की वसा पाई
जाती है। दूध
व इसके उत्पाद
भी हितकारी हैं। अगर आप नियमित
रूप से उत्तम
वसा वाले पदार्थ
भोजन में लेंगी
तो कुछ ही
महीनों में आशानुकूल
परिणाम प्राप्त होंगे।
Tips - 4 अनार के पंचांग से बने तैल की मालिश :-
अनार के
पंचांग (फ़ल,फ़ूल,पत्तियं,छाल और
जड ) से बने
तैल से नियमित
स्तनों की मालिश
करने से स्तनों
की मांसपेशियां पुष्ट
होकर कसावट लाती है। सरसों के
तैल में अनार
के पंचाग डालकर
आंच पर पकाने
से पंचाग तैल
बन जाता है। इस तेल को दिन में दो
बार मालिश नीचे
से ऊपर की करनी चाहिये। इससे स्तनों
की कौशिकाओं में
रक्त संचार बडी
तेजी के साथ
होने लगता है।
स्तनों की मांसपेशियों
में तंतुओं की
तादाद बढने लगती
है,स्तन कठोर,मजबूत, बडे और सुडौल
होने लगते है। दो तीन
महीने के उपचार
से आशानुकूल परिणाम
आते हैं।
Tips 5 मालिश द्वारा :-
प्याज का उपयोग
स्तनों को चुस्त
,उन्नत ,विकसित करने हेतु
किया जा सकता
है। इसके आलावा प्याज के
ताजा रस में
शहद और् हल्दी
मिलाकर इस मिश्रण
से स्तनों की
नियमित मालिश करने से
लटकते हुए ढीले
स्तनों को कसावट
में लाया जा
सकता है।मालिश करने
के बाद ब्रा
पहिनलें। अगले दिन
स्नान करना चाहिये।
Tips 6 मल्टी विटामिन की गोलियां :-
स्तनों को उन्नत,सुडौल और आकर्षक बनाने के लिये कुछ विटामिन्स का उपयोग करना उचित है। मल्टी विटामिन की गोलियां जिनमे विटामिन ए,ई और सी अपेक्षित मात्रा में हो नियमित सेवन से लाभ उठाया जा सकता है।Tips 7 मैथी बीज के सेवन द्वारा :-
मैथी के बीज
में स्तनो को
विकसित करने के
तत्व होते हैं।
इसमे एस्ट्रोजिन हार्मोन
की तरह का
तत्व होता है
जो स्तनों को
उभारने में मदद
करता है। मैथी
प्रोलेक्टीन हार्मोन पैदा करने
में भी सहयोग
करता है। ये
दोनों हार्मोन स्तनों
के विकास और
उनको आकर्षक बनाने
में महत्वपूर्ण भूमिका
निर्वाह करते है।
Tips 8 चिकन के प्रयोग द्वारा :-
अगर मांसाहारी है तो आप चिकन का सेवन कर सकती है। चिकन मे
एस्ट्रोजिन की भरपूर
मात्रा होती है।अतः मांसाहारीइस्त्रिया
स्तनों को बडा
और कसावटयुक्त बनाने
के लिये अपने
भोजन में चिकन
को प्राथमिकता दे सकती है।